सिनेमा और सरकार

अक्षय कुमार की टॉयलेट-एक प्रेम कथा' और मधुर भंडारकर निर्देशित 'इंदु सरकार' जल्द रिलीज़ होने वाली हैं I दोनों ही फिल्मो का जुड़ाव मोदी सरकार के साथ दिखता है I अक्षय कुमार की फिल्म के प्रोमो देख कर लगा की भारत सरकार के 'स्वच्छ भारत अभियान' पर बनाई गयी है प्रमोशनल फिल्म है, फिल्म की कहानी एक नई नवेली दुलहन द्वारा ससुराल में टॉयलेट न होने को लेकर उसके खिलाफ संघर्ष को दिखाती है I भारत सरकार के विज्ञापनों में विद्या बालन भी कुछ ऐसे ही सन्देश देती नजर आती हैं I
दूसरी फिल्म मधुर भंडारकर निर्देशित 'इंदु सरकार' हैं,इस फिल्म में इमरजेंसी को दिखाया गया हैं और पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गाँधी और उनके छोटे बेटे संजय गाँधी के चरित्रों में डार्क शेड दिखता है I फिल्म में अनुपम खेर भी है I सीधे सीधे कहे तो ये फिल्म कांग्रेस की छवि को धूमिल करती है I
अब इसे सयोंग कहे या कुछ और इन फिल्मो के कथानक अक्षय कुमार, अनुपम खेर और मधुर भंडारकर वर्तमान भाजपा सरकार करीबी माने जाते है I अनुपम खेर तो खैर भाजपा के ही सदस्य है I चर्चा तो ये है की अक्षय कुमार को हाल ही में उनके उत्कृष्ट अभिनय के लिए मिला राष्ट्रीय फिल्म पुरूस्कार भाजपा की नजदीकियों के चलते मिला है I मधुर भंडारकर भी भाजपा की पार्टियों में देखे जातें है और सोशल मीडिया इन तीनो को अक्सर सच्चे देशभकत के रूप में दिखाया जाता है I वैसे ये कोई नई बात नहीं है कांग्रेस की सरकार के दौरान भी गोधरा दंगो पर फिल्मे बनाई गयी थी जिनमे सीधे तौर पर भाजपा की छवि को मुस्लिम विरोधी बताया गया था I
राजनीति की लड़ाई कई मोर्चो पर लड़ी जाती है, उनमे से एक सिनेमा भी है, क्योंकि ये जनमानस की सोच को प्रभावित करता है I ये हर दौर में हुआ है और आगे भी होगा Iनिर्णय हमे लेना होता है की कही हम सरकार या किसी पार्टी विशेष के अजेंडे फैलाने के औजार न बन जाएँ Ir
सुमन ठाकुर
अधिवक्ता, दिल्ली हाई कोर्ट

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